नयी दिल्ली/लखनऊ।
सेवा में माननीय योगी आदित्यनाथ जी, मुख्यमंत्री – उत्तर प्रदेश सरकार,लखनऊ विषय : संस्कृति मंत्रालय द्वारा आयोजित कवि – सम्मेलनों से वैचारिक प्रदूषण महोदय, उत्तर प्रदेश का संस्कृति मंत्रालय समय – समय पर कवि – सम्मेलनों का आयोजन करता आ रहा है | कवि – सम्मलेन, समाज के वैचारिक एवं चारित्रिक निर्माण का एक सशक्त माध्यम हैं | आपकी सरकार बनने के बाद से ही इस माध्यम द्वारा परोसे जाने वाले वैचारिक आहार की गुणवत्ता में अतिशय सुधार की आशा थी जो कि दुर्भाग्यवश नहीं हुई | संस्कृति मंत्रालय द्वारा आयोजित कवि – सम्मेलन भारतीय संस्कृति का पोषण तो दूर; भारतीय संस्कृति, राष्ट्रधर्म एवं राष्ट्रवाद का क्षरण करने वालों को संरक्षण देने का मंच बन चुके हैं | जहाँ, समय – समय पर देशद्रोही जेहादी मानसिकता वाले शायरों को ससम्मान आमंत्रित किया जाता रहा है | अभी हाल ही में पूज्य अटल जी के जन्मोत्सव के अवसर पर, २५ दिसंबर को संगीत नाटक अकादमी के सभागार में संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित कवि- सम्मेलन में घुसपैठियों की वकालत करने वाली उग्र और कट्टर मानसिकता की शायरा लता “हया” को आमंत्रित किया गया था | हम स्वयंसेवकों एवं सोशल मीडिया के राष्ट्रवादियों के भारी विरोध के पश्चात ही माननीय मंत्री डा. नीलकंठ तिवारी जी के हस्तक्षेप द्वारा ही उनका आमंत्रण निरस्त हो सका था | उग्रता और साम्प्रदायिक मानसिकता के राहत इंदौरी, मुनव्वर राणा जैसे अन्य शायरों जिनके शेरों को उद्धृत करके आम जनमानस को सोशल मीडिया पर दिग्भ्रमित करने की बहस चलाई जाती है, को भी संस्कृति मंत्रालय अपने कार्यक्रमों का अभिन्न हिस्सा लगातार बनाता रहा है | अतः स्पष्ट है कि संस्कृति मंत्रालय द्वारा आयोजित कवि सम्मेलनों से भारतीय संस्कृति और विचारधारा का पोषण नहीं अपितु क्षरण ही हो रहा है | आदरणीय, इन सबके मूल में इन सभी कार्यकर्मो के प्रत्यक्ष/ परोक्ष संयोजक सर्वेश अस्थाना जी की महती भूमिका रही है | जो स्वयं तथाकथित समाजवादी विचारधारा के घनघोर समर्थक रहे हैं | २५ दिसंबर को आयोजित हुए कवि – सम्मेलन में इन्होने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के “ध्वज प्रणाम” पर भी स्तरहीन एवं अभद्रतापूर्ण मसखरी की थी | उस पूरे कार्यक्रम में अटल जी के विचार मंच से पूर्णतया नदारद थे | यदि वैचारिक युद्ध में सेनापति ही विरोधी विचारधारा से चुन लिया जाएगा तो विचारधारा को प्रदूषित एवं क्षरित होने से कौन बचा सकेगा ? आज उत्तर प्रदेश के संस्कृति मंत्रालय द्वारा आयोजित कवि – सम्मेलनों में यही हो रहा है | एक राष्ट्रवादी कवि एवं स्वयंसेवक होने के नाते इस विषय की जानकारी आप तक पहुँचाना मेरा कर्तव्य ही नहीं धर्म भी था | इस वैचारिक युद्ध में सेनापति का दायित्व साहित्य के क्षेत्र में कार्यरत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अनुसांगिक संगठन “ अखिल भारतीय साहित्य परिषद” या किसी राष्ट्रवादी कवि/ साहित्यकार को मिलना चाहिए न की विरोधी खेमे के किसी मसखरे बहुरूपिये को | श्रीमान जी से करवद्ध प्रार्थना है कि इस विषय पर संज्ञान लेते हुए संस्कृति मंत्रालय के कार्यक्रमों को विचारधारा से विमुख लोगों की चंगुल से बचाने की अविलम्ब कृपा करें | धन्यवाद भवदीय (जनार्दन पाण्डेय “प्रचंड” ) राष्ट्रवादी ओज कवि एवं स्वयंसेवक pjanardanp@gmail.com प्रतिलिपि : निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक संज्ञान हेतु प्रेषित १. डा. कृष्ण गोपाल जी, सह – सरकार्यवाह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ २. श्री अरुण कुमार जी, अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ३. श्री स्वांत रंजन जी , अखिल भारतीय वौद्धिक प्रमुख, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ४. श्री अनिल जी, क्षेत्र प्रचारक, पूर्वी क्षेत्र – उत्तर प्रदेश, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ५. डा. अशोक दुबे जी, प्रान्त प्रचार प्रमुख, अवध प्रान्त, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ६. माननीय डा. नीलकंठ तिवारी जी, मंत्री संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार ७. श्री उमेश शुक्ला जी– महामंत्री अखिल भारतीय साहित्य परिषद, अवध प्रांत, लखनऊ Janardan Pandey Prachand...


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हैदराबाद/शमशाद नगर।
मुस्लिम बहुल इलाके में पंक्‍चर होने पर डॉक्‍टर प्रियंका ने मांगी थी मदद, रेप के बाद हत्‍याकर लाश को जलाया दिनांक 29-नवंबर-2019 मृदुल त्यागी WhatsApp 191 हैदराबाद की प्रियंका रेड्डी कत्ल कर दी गई. जला दी गई. मरने से पहले उसने अपनी बहन को फोन करके प्रियंका ने बताया था कि मुस्लिम बहुल इलाके में उसकी स्कूटी खराब हो गई है. उसे बेहद डर लग रहा है. उसके बाद प्रियंका की लाश मिली. असल में डर ये होता है. किसी के दिल में डर हो और फिर वो सच साबित हो. अब किसी को सेेकुलर को डर नहीं लग रहा है, सेक्युलर बुद्धिजीवियों की सदा जली रहने वाली मोमबत्तियां प्रियंका के नाम पर बुझ चुकी हैं. डर क्या है और हिंदू महिलाओं को किस-किस तरीके का डर है, ये हम आपको बताएंगे. इस सच से आंख मत चुराइये. ये बहन और बेटियों का सवाल है. हैदराबाद की पशु चिकित्सक प्रियंका रेड्डी बुधवार को कोल्लुरु स्थित पशु चिकित्सालय गई थीं. उन्होंने अपनी स्कूटी को शादनगर के टोल प्लाजा के पास पार्क कर दिया था. रात में जब वह लौटी तो उनकी स्कूटी पंक्चर थी (या कर दी गई थी). इसके बाद प्रियंका ने अपनी बहन को फोन किया और इसकी जानकारी दी. प्रियंका ने बहन से कहा कि मुझे डर लग रहा है. इस पर बहन ने प्रियंका को टोल प्लाजा जाने और कैब से आने की सलाह दी थी. प्रियंका रेड्डी ने कहा कि कुछ लोगों ने मदद की पेशकश की है और थोड़ी देर बाद कॉल करती हूं. इसके बाद प्रियंका का मोबाइल फोन स्विच ऑफ हो गया. परिजनों ने शादनगर टोल प्लाजा के पास प्रियंका की खोजबीन की, लेकिन वह नहीं मिली. सुबह शादनगर के अंडरपास के पास उसकी जली हुई लाश मिली. प्रियंका की स्कूटी एक मुस्लिम मकैनिक के यहां मिली है. पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया है. प्रियंका का डर सच साबित हुआ. ट्विटर से लेकर फेसबुक तक प्रियंका की मौत पर गुस्सा है. हैदराबाद की हिंदू आबादी आंदोलित है. लेकिन सवाल ये है कि प्रियंका की हत्या या इस तरह की वारदातों को अंजाम देने वालों को किसी का डर क्यों नहीं है. ये हर जगह हैं, नए-नए चेहरों में हैं. लेकिन हर मुखौटे के पीछे एक जिहादी चेहरा है....


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नई दिल्ली/महाराष्ट्र।
महाड्रामे के बाद भाजपा सत्ता दौड मे हार गयी है।देवेन्द्र फडनवीस ने दिया इस्तीफा।अब शिवसेना एनसीपी व कांग्रेस मिलकर बनाएंगे सरकार।...


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नयी दिल्ली /अयोध्या ।
आज सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की पीठ ने बहु प्रतीक्षित अयोध्या मुददे पर अंतिम निर्णय सुना दिया है।अयोध्या भे विवादित भूमि पर सबके दावे को खारिज करते हूए सुप्रीम कोर्ट ने रामलला विराजमान कोर संपूर्ण स्थल का मालिक मान लिया है तथापि आदर्श न्याय कोर चरितार्थ करते हुए मस्जिद के लिए भी अयोध्या मे ही कहीं पांच एकड जमीन देने का आदेश भी पारित कर दिया है।यह बेहतरीन फैसला देने के लिए न्यायालय निश्चित ही ऐतिहासिक तौर पर तारीफ का काम किया है।आइए हम सब मिलकर नये भारत के निर्माण मे सहयोग करे साथ दे और दुनिया को भारत का सहिष्णुता और शांति काम संदेश पहुंचाने का काम करें।...


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नयी दिल्ली /गाजियाबाद /एनसीआर ।
भारत के राजधानी और उससे सटे दर्जनों शहरों को प्रदूषण ने अब जानलेवा खतरे का रूप अख्तियार कर लिया है।दिल्ली सरकार जरूर आज से वाहनों के आवागमन संबधी अपने सम विषम फार्मूले को फिर से लागू कर दी है परंतु संभवतः इन हलके व कैजुअल अप्रोच से यह संकट खत्म होने वाला नहीं है ।आइए देखिए क्या है इन निम्न शहरो का प्रदूषण इन्डेक्स -नोयडा 495 गाजियाबाद 491 रोहतक 498 दिल्ली 494 फरीदाबाद 491 लखनऊ 400 और बनारस 332 पार कर गया है। हर तरफ हाहाकार और चिंता छा गयी है कि कैसे हमारे शहर नागरिको के रहने लायक बचें? ...


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