नई दिल्ली/लखनऊ   111
9 दिसंबर को लखनऊ मे एक साहित्यिक समारोह मे राजेंद्र यादव के बारे मे लेखिका गीताश्री ने एक बङी दिलचस्प टिप्पणी कर दी-कि राजेद्र यादव ने किसी भी महिला का फायदा उठाया नही उठाया,न इस्तेमाल किया। यह मानो इन बातो के लिए ख्यात रहे यादव के पुराने विवादों को दुबारा उखाङने जैसा था।पर साहित्यिक जगत मे कमोबेश चुप्पी ही छायी रही। इसके अगले ही दिन लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार कथाकार विद्रोही तेवरों वाले दयानंद पांडेय ने चुप्पी तोङते हुए राजेंद्र यादव पर 'स्वस्थ आदमी के बीमार विचार "नामक श्रंखला ही शुरू कर दी है।अब तक चार भागों की पोस्ट आ चुकी है। हमारा समय ने इसे आप पाठकों के लिए हूबहू प्रकाशित करने का सुअवसर पाया है ।जो राजेंद्र यादव को लेकर न सिर्फ रहस्यॅ के नये लोक खोलेगा बल्कि उनके इर्द गिर्द रही महिलाओ के तिलिस्म व उनकी व्याहता कथाकार मन्नू भंडारी के दर्द व दुख को भी सामने लाने का कार्य कर रहा है। लीजिए पढिए पूरी पोस्ट... स्वस्थ व्यक्ति के बीमार विचार -1 ज्योति कुमारी की याद है किसी को ? अरे वही ज्योति कुमारी जिन्हों ने राजेंद्र यादव के साथ मिल कर एक किताब लिखी थी । स्वस्थ व्यक्ति के बीमार विचार । रातो-रात वह मशहूर हो गईं । चर्चा का शिखर जिसे कहते हैं , वह उन्हों ने छू लिया । सहसा । राजेंद्र यादव ने इस किताब स्वस्थ व्यक्ति के बीमार विचार में अपनी कई महिला मित्रों से अपने संबंधों का बखान किया है। इस किताब में वर्णित बहुत सी महिलाएं चुप रहीं । आज भी चुप हैं । बहुत कम लोग इस बात को स्वीकार कर पाते हैं कि महिलाओं का चुप रहना भी एक अस्त्र होता है । लेकिन मैं मानता हूं कि यह चुप रहना भी बहुत बड़ा अस्त्र होता है । होशियार और शालीन महिलाएं इस अस्त्र का सटीक उपयोग करती हैं । लेकिन दिक्कत यह थी कि राजेंद्र यादव ने इस किताब में लगभग सभी महिलाओं का नाम ले-ले कर कई प्रसंग वर्णित किए हैं । तो दो-तीन महिलाएं पानी मिले दूध की तरह उबलीं भी । एक तो सुप्रीम कोर्ट में वकील हैं । तो किसी महिला के परिवारीजन भी उबले । शुरू में तो राजेंद्र यादव ने इस सब का मजा लिया । लेकिन जब उन के फ़्लैट के बाहर गाली-गलौज होने लगी तो वह डर गए । लगभग सरेंडर कर दिया । किताब के पन्ने बदलने की नौबत आ गई । अंततः बाद के प्रसंग राजेंद्र यादव पर भारी पड़ गए । इतना कि राजेंद्र यादव की न सिर्फ़ ख़ूब छीछालेदर हुई बल्कि उन की मृत्यु का भी सबब बन गई यह किताब और ज्योति कुमारी । ...


Leave a comment