नई दिल्ली   168
आतिशी मार्लेना आम आदमी पार्टी की पुर्वी दिल्ली से प्रत्याशी हैं और भाजपा प्रत्याशी गौतम गंभीर के खिलाफ चुनाव लड़ रही हैं। एक तरफ भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व क्रिकेटर हैं जिन्होंने इस राष्ट्र का प्रतिनिधित्व किया और अपना योगदान दिया और दूसरी तरफ आतिशी मार्लेना हैं जो भारत विरोधी गतिविधियों में संदिग्ध भी मानी जाती हैं। सबसे ज्यादा आकर्षक तो उनके नाम की टाइटिल है मार्लेना, क्योंकि इस टाइटिल के साथ किसी के भी सामने भी आज तक कोई दूसरा व्यक्ति नहीं आया जैसा कि नेहरू जाति का अकेला इस पृथ्वी पर कोई नहीं हुआ। आतिशी मार्लेना की असलियत यह है कि आतिशी का जन्म दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर विजय कुमार सिंह और माता प्रोफेसर तृप्ता वाही के घर में हुआ और मार्लेना जैसा विचित्र टाइटिल इनके माता-पिता के द्वारा ही दिया गया जिसका विच्छेद करने पर Marlena = Marx + Lenin आता है और इसी कारण इनको यह टाइटिल दिया गया। इसका मतलब कि आतिशी का डीएनए ही कट्टर वामपंथी है। सन २००६ में जब माननीय उच्चतम न्यायालय ने संसद हमले में दोषी अफजल गुरु को फांसी देने की सजा सुनाई थी तो आतिशी की मां तृप्ता वाही और पिता विजय कुमार सिंह दोनों ने तथाकथित बुद्धिजीवियों के साथ अफ़ज़ल गुरु के पक्ष में ' दया याचिका' पर हस्ताक्षर किए थे। फिर जब दया याचिका खारिज़ कर दी गई थी तो पुनः २०१३ में जब तत्कालीन राष्ट्रपति के पास याचिका गई उसकी फांसी को रोकने के लिए तो आतिशी के माता-पिता ने फिर से उस पत्र पर हस्ताक्षर किए थे। तो देखिए असल में टुकड़े-टुकड़े गैंग के साथ कौन कौन से लोग हैं। उनकी माता व्यक्तिगत तौर पर संसद हमले के आरोपी दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एसएआर गिलानी के लिए पैसा भी इकट्ठा किया था। तृप्ता के सहकर्मियों के अनुसार जब दिल्ली विश्वविद्यालय के उनके सहकर्मियों ने कारगिल युद्ध में शहीद हुए जवानों के परिवारों के मदद के लिए पैसे दान देने के लिए कहा था तो तृप्ता वाही ने मना करते हुए यह जवाब दिया था " Why do we need to pay them? These soldiers are paid to die," Revolutionary Democracy के प्रोफेसर विजय कुमार सिंह जो आतिशी के पिता हैं , कविता कृष्णन और सोमनाथ चटर्जी सीपीआई माले वाले; तीनों ही 'Indo-Nepal People’s Solidarity Forum' (INPSF) के कार्यकारिणी परिषद के सदस्य थे और इन तीनों ने 'Maoist Resistance to oppose Indian Hegemony in Nepal' पर Radical Notes' लिखे। ऐसे माहौल और संस्कारों में पली बढ़ी आतिशी मार्लेना से यह राष्ट्र किस तरह के आचरण की अपेक्षा कर सकता है। ऐसे लोग जब सिस्टम में प्रवेश करेंगे तो अंदर से उसे खोखला करना ही उनका लक्ष्य और उद्देश्य होगा। ...


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