उत्तरप्रदेश/बागपत/फतेहपुर   45
झुलसा देने वाली गर्मी पड़ रही थी.. और वह बेतहाशा खेत की तरफ भागी जा रही थी... उसे पता था कि उसके दसवीं पास किसान पिता हरेंद्र तोमर आग उगलती गर्मी में खेतों में लान काट रहे हैं ताकि घर में गेहू ला सके। वह इकहरे बदन की दुबली पतली लड़की थी जिसकी उम्र बमुश्किल 13-14 बरस नजर आती थी। उसने कभी मोबाइल नहीं रखा, टीवी नहीं देखा वह जींस टॉप नहीं पहनती थी। सूट सलवार उसका पसंदीदा पहनावा था। परंतु आज वह सबसे अलग थी सबसे ऊपर थी। क्योंकि उसके शिक्षकों ने उसे बताया था कि उसने यूपी बोर्ड इन्टर की परीक्षा में पूरा प्रदेश टॉप कर दिया है, वे उसकी प्रोवेज़नल मार्कशीट भी लाए थे। 500 में से 489 अंक प्राप्त किये मतलब 97.80 अंक। इतने तो सीबीएसई में भी मुश्किल से आते है। वह अपनी खुशी को अपने पिता संग बांटना चाहती थी, पिता जो अमूमन सभी बेटियों के लिए हिमालय सरीखा स्वरूप और सहारा होता है। मालूम हुआ पिता खेत मे है। बस पिता को यह खबर देने के लिए बेतहाशा दौड़ती हुई खेतों की ओर चली गई। उसे मानो पंख लग गए थे, वो बताना चाहती थी बापू, तेरी लाडली किसी से कम नही, उसने बिना ट्यूशन के आसमान छू लिया है। वह बागपत जनपद के फतेहपुर पुट्ठी गांव के साधारण किसान पिता हरेंद्र तोमर, माता रूमा तोमर और माता की पुत्री तनु तोमर थी, जहां अमूमन शिक्षा पर कम, खाद, बिजली, फसल के दाम, कर्ज़, भुगतान पर चर्चा ज्यादा होती है। उस बिटिया ने कृषि प्रधान देश के पूरे ग्रामीण अंचल का सीना 56 इंची कर दिया। उसके समस्त अध्यापक, विद्यालय श्रीराम एसएम इंटर कॉलेज बड़ौत को बधाई। तनु को उसकी विशाल उपलब्धि के लिए ढेरों ढेरों #शुभकामनाएं। वह आदर्श बने करोड़ों छात्र-छात्राओं का जो सीमित संसाधनों से ऊंचाइयां छूते हैं, छूने की कामना करते हैं, निरंतर प्रयास करते है। तनु तोमर के आदर्श देश के प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने #चाय वाले से सफर शुरू कर देश के #प्रधानमंत्री पद तक पहुंचने का काम किया। जय हो.. वहीं बहुत छात्र छात्राओं को कड़ी मेहनत के बाद भी मनवांछित फल न मिला होगा, बहुत से परीक्षा में फेल भी हुए होंगे। उन सभी से निवेदन, निराश न होना हताश मत होना जीवन मे उम्र के अन्तिम पड़ाव तक परीक्षा होंगी, और भी कठिन इसलिए मजबूती से परीक्षा दो, इस परीक्षा में कम रहे, अगली में संभवतः कामयाबी मिले। सभी को स्नेह।। ...


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