ऋषिकेश/उत्तराखंड   232
जब देश भर मे पुलिस के जनता से व्यवहार व कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खघे किए जा रहे हैं और पुलिस सुधार के लिए बङे कदम उठाने की जरूरत की चर्चा जोरों पर है।इसी दौर मे उत्तराखंड पुलिस का एक अधिकारी जो अपने मानवीय व जागरूक ऐक्शन से हमेशा आधुनिक पुलिसिंग को चरित्रार्थ करता है,निश्चित ही नये भारत मे पुलिस सुधार कार्य को उसी दिशा मे ले जाना होगा।आइए खुद उसी अधिकारी की जबानी जानते हैं उनकी एक और बदलाव की कोशिश की... खोमचा पुलिस:- साथी हाथ बढ़ाना पिछले कई दिनों से मैं देख रहा था कि लक्ष्मण झूला क्षेत्र के घाटों के आसपास बहुत सा प्लास्टिक का कचरा, विशेषकर प्लास्टिक चटाई सीट, प्लास्टिक के कप, कटोरिया इत्यादि तथा स्नानार्थियों द्वारा स्नान के बाद जगह जगह पर गीले कपड़े के अंबार लगाए गए थे। इस क्रम में सबसे पहले मेरे द्वारा स्वयं सादे वस्त्र में प्लास्टिक सीट बेचने वाले दुकानदारों के अड्डों की तलाश की गई तथा 17 एवं 18 तारीख को लक्ष्मण झूला पुलिस के साथ उन प्लास्टिक सीटों को जप्त किया गया ।18 तारीख की रात जब मैं सादे वस्त्र और में एक खोमचे के पास चबूतरे पर चाय पी रहा था तो बातों बातों में ही मैंने बगल के दुकानदार से प्लास्टिक की पन्नी खरीदने की पेशकश की। पहले तो उसने बताया कि पुलिस की बड़ी सख्ती है, पुलिस बेचने नहीं दे रही पर थोड़ा लालच देने पर उसने ₹20 प्रति पन्नी के भाव से सौदा तय किया ।उसके साथ जाकर मैंने उसका अड्डा देखा। बाद में पुलिस भेज कर उसकी प्लास्टिक जब्त की माफी मांगने पर भविष्य में प्लास्टिक न बेचने की शर्त पर उसे छोड़ दिया गया। इस घटना से मुझे प्रतीत हुआ कि जब तक आम जनमानस को साथ नहीं लिया जाएगा तब तक इस कुप्रथा को खत्म नहीं किया जा सकता। इसी क्रम में दिनांक 19 जुलाई को 12:00 बजे गीता भवन घाट पर मैंने समस्त खोमचे वाले, स्थानीय जनप्रतिनिधियों,वार्ड मेम्बरान तथा नगर पंचायत अध्यक्ष के साथ एक मीटिंग की तथा उन्हें बताया की उनकी जीविका गंगा जी की कृपा से चल रही है अतः उनकी सामाजिक नैतिक और धार्मिक जिम्मेदारी है कि वे गंगा मैया को प्लास्टिक के प्रदूषण से दूर रखें तथा दूसरों को भी गंदगी फैलाने से रोकें। इसी क्रम में सबको निम्न शपथ दिलाई गई। 1- मैं ना तो प्लास्टिक का प्रदूषण फैलाऊंगा ना ही किसी अन्य को गंगा जी में प्लास्टिक की कोई वस्तु डालने दूंगा। 2- गंगा जी हमारी मां है अतः घाटों पर गंदगी नहीं होने देंगे, लोगों को कूड़ेदान का प्रयोग करने के लिए प्रेरित करेंगे और अपने दुकानों पर कूड़ेदान रखेंगे। 3- अपने क्षेत्र में किसी भी अवांछनीय वस्तु अथवा व्यक्ति की सूचना तत्काल पुलिस को देंगे। 4- आवश्यकता पड़ने पर हम लोग पुलिस के साथ खड़े रहेंगे तथा कानून व्यवस्था को बनाए रखने में सहयोग देंगे। इसके बाद सब के साथ घाटों के पड़े कूड़ो को इकट्ठा किया गया। आज दिन भर पूरे घाट पर स्वच्छता का माहौल रहा। आज रात को जब मैं सादे कपड़ों में घाटों के पास घूम रहा था ,तभी दो-तीन लड़के मेरे पास आए तथा अभिवादन कर मुझे बताया की सुबह के शपथ के समय वे शामिल थे तथा आज दिन भर उन लोगों ने वालंटियर के तौर पर सभी स्नान करने वालों को सफाई करने के लिए प्रेरित किया। जो लोग नहीं मान रहे थे उन्हें भारी जुर्माने का आगाह कराया। इसके बाद वे तीनों युवा मेरे साथ गलियों में गए तथा चोरी से प्लास्टिक की पन्नी बेचने वालों का अड्डा दिखाया जिसे बाद में स्थानीय पुलिस द्वारा जप्त किया गया। मुझे अपने इन नए पुलिस वालों पर गर्व है। लक्ष्मण झूला पुल बंद होने के कारण कांवड़ के समय एक बहुत बड़ी चुनौती पुलिस और प्रशासन के समक्ष उत्पन्न हो गई है ।सीमित बल के साथ कांवरियों को नए रास्ते पर भेजना बहुत बड़ी चुनौती है, परंतु आज इस रेहड़ी खोमचा चलाने वाले विशेष पुलिस अधिकारियों के जज्बे और उत्साह को देख कर मुझे पूरा विश्वास है यह मेला पहले से भी ज्यादा शांतिपूर्ण ,सुरक्षित , स्वच्छता युक्त और प्रदूषण मुक्त संपन्न होगा। जय हिंद, जय उत्तराखंड, जय हिंद की जनता। ...


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