उत्तर प्रदेश /लखनऊ   7377
विभागीय ज्ञान..... *राजस्व विभाग में प्रचलित प्रमुख शब्द और उनके अर्थ* रकबा- क्षेत्रफल, खसरा- भूमि क्रमांक, पांचसाला- पिछले पांच' साल का खसरा चांदा- सीमा चिन्ह, मुनारा- सर्वेक्षण चिन्ह, उपकर - अबवाब (मुख्य कर का उपकर) मौसूली- वसूली प्राप्त करना, नस्ती- खात्मा, अलामत- छोटे-छोटे चिन्ह, मसाहती ग्राम- जिसकी सीमा न हो मीजान- कुल, सकूनत- निवास वाजिब-उल-अर्ज- निजी जमीन में सार्वजनिक उपयोग दर्शाने वाला रिकार्ड गिरदावरी- खेतों व फसलों का निरीक्षण कर रिकार्ड करना, तितम्मा मिलान- हल, बैल, कृषि यंत्र की गणना, गोशवारा- महायोग, रूढ़ अलामात- परंपरागत सीमा, हलफनामा- शपथ पत्र, बैनामा- विक्रय पत्र, बयशुदा- खरीदी, काबिज- कब्जा है, दीगर- अन्य, वारिसान- उत्तराधिकारी, बख्शीश- उपहार या दान, फौत - मौत, रहन- गिरवी, कैफियत- स्पष्टीकरण/विवरण साकिन- निवासी मौजा बेचिराग - बिना आबादी का गांव फकुल रहन - गिरवी रखी भूमि को छुड़ा लेना तबादला - भूमि के बदले भूमि लेना बैय - जमीन बेच देना मुसन्ना - असल रिकॉर्ड के स्थान पर बनाया जाने वाला रिकॉर्ड फर्द - नक़ल फर्द बदर - राजस्व रिकॉर्ड में होने वाली गलती को ठीक करना मिन - भाग साम्बिक - भूतपूर्व पुख्ता औसत झाड़ - पैदावार के अनुसार पक्की फसल फसल रबी - आसाढ़ की फसल फसल खरीफ - सावनी की फसल जिंसवार- फसलवार जिंस का जोड़ जलसाआम - जनसभा बशनाखत - की पहचान पर वल्दियत - पिता का नाम बतलाना हमशीरा - बहन हद - सीमा हदूद - सीमाएं सिहद्दा - तीन गांवों को एक स्थान पर मिलाने वाला सीमा पत्थर बनाम - के नाम मिन जानिब - की ओर से बिला हिस्सा - जिसमें भाग न हो नीलाम - खुली बोली द्वारा बेचना दस्तक - मांग का अधिकार तकाबी - फसल ऋण कुर्की - किसी वस्तु को सरकारी अधिकार में लेना बदस्तूर - हमेशा की तरह या पूर्ववत हाल - वर्तमान खाका - प्रारूप कारगुजारी - प्रगति रिपोर्ट झलार - नदी नाले से पानी देने का साधन जमा - भूमिकर तरमीम - बदल देना या सुधार देना मालगुजारी - भूमिकर जदीद - नया खुर्द - छोटा कलां - बड़ा खुश हैसियत - अच्छी हालत इकरारनामा - आपसी फैसला गोरा देह भूमि – गांव के साथ लगी भूमि दो फसली - वर्ष में दो फसलें उत्पन्न करने वाली भूमि सकूनत - निवास स्थान शजरा परचा - कपड़े पर बना खेतों का नक्शा शजरा किस्तवार - ट्रेसिंग पेपर पर बना हुआ खेतों का नक्शा मुसावी - मोटे कागज पर खेतों की सीमाएं दर्शाने वाला नक्शा पैमाना पीतल - मसावी बनाने के पीतल का बना हुआ इंच फरेरा - दूर झंडी देखने के लिए बांस पर बंधा तिकोना रंग-बिरंगा कपड़ा झंडी - लाइन को सीधा रखने के लिए 12 फीट का बांस क्रम - 66 इंच लम्बा जरीब का दसवां भाग गट्ठा - 57.157 इंच, जरीब का दसवां भाग अड्डा - जरीब की पड़ताल करने के लिए भूमि पर बनाया गया माप गज - भूमि नापने का पैमाना पैमाइश - भूमि का नापना शजरा नसब - भूमिदारों की वंशावली लाल किताब - गांव की भूमि से सम्बंधित पूर्ण जानकारी देने वाली पुस्तक मिसल हकूकियत - बंदोबस्त के समय विस्तार साथ तैयार की गई जमाबंदी जमाबंदी - भूमि की मिल्कियत और अधिकारों की पुस्तक खसरा गिरदावरी - हदबस्त - तहसीलवार गावों के नम्बर मिनजुमला – मिला-जुला भाग नवैयत या नौइयत- भू उपयोग पिसर मुतबन्ना - दत्तक पुत्र जोजे- पत्नी बेवा - विधवा वल्द - पिता कौमियत - जाति चाह आबनोशी- आबादी में पीने के उपयोग का कुआँ चाह आब पाशी- सिंचाई के लिए कुआँ साकिन -निवासी साकिन देह - भू अभिलेख से संबंधित उसी गांव का निवासी साकिन पाही - अन्य गांव का निवासी मुतवल्ली - मुस्लिम धार्मिक संपत्ति का कर्ता लगान - भूमिकर हदबंदी - सीमांकन बिलमुक्ता - इस खसरा नंबर के भूराजस्व मे अन्य नंबर का भूराजस्व जुड़ा हुआ है बकसरत दरखतान- अनगिनत वृक्ष मिन्हा - मिलाना इन्तकाल →मलकियत की तबदीली का आदेश । जरीब →भूमि नापने की लम्बी लोहे की जंजीर । रकबा बरारी →नम्बर की चारों भुजाओं की लम्बाई व चौडाई क्षेत्रफल निकालना रकबा→ खेत का क्षेत्रफल गोशा →खेत का हिस्सा बिसवा→ 20 बिसवांसी बिघा →20 बिसवा शर्क →पूर्व गर्व→ पश्चिम जनूब→ दक्षिण शुमाल→ उत्तर खेवट→ मलकियत का विवरण खतौनी→ कशतकार का विवरण पत्ती तरफ ठोला→ गॉंव में मालकों का समूह गिरदावर→ पटवारी के कार्य का निरीक्षण करने वाला RI दफ्तर कानूनगो →तहसील कार्यालय का कानूनगो नायब दफतर कानूनगो→ सहायक दफतर कानूनगो सदर कानूनगो→ जिला कार्यालय का कानूनगो । वासिल वाकी नवीस→ राजस्व विभाग की वसूली का लेखा रखने वाला कर्मचारी मालिक→ भूमि का भू-स्वामी कास्तकार→ भूमि को जोतने वाला एवं कास्त करने वाला । शामलात →सांझाी भूमि शामलात देह→ गॉंव की शामलात भूमि शामलात पाना →पाने की शामलात भूमि शामलात पत्ती →पत्ती की शामलात भूमि मुजारा→ भूमि को जोतने वाला जो मालिक को लगान देता हो । मौरूसी →बेदखल न होने वाला व लगान देने वाला मुजारा गैर मौरूसी →बेदखल होने योग्य कास्तकार नहरी →नहर के पानी से सिंचित भूमि । चाही नहरी→ नहर व कुएं द्वारा सिंचित भूमि चाही →क्एं द्वारा सिंचित भूमि चाही मुस्तार →खरीदे हुए पानी द्वारा सिंचित भूमि । बरानी→ वर्षा पर निर्भर भूमि । आबी →नहर व कुएं के अलावा अन्य साधनों से सिंचित भूमि । बंजर जदीद→ चार फसलों तक खाली भूमि । बंजर कदीम →आठ फसलों तक खाली पडी भूमि । गैर मुमकिन →कास्त के अयोग्य भूमि । नौतौड→ कास्त अयोग्य भूमि को कास्त योग्य बनाना । क्लर →शोरा या खार युक्त भूमि । चकौता →नकद लगान । सालाना →वार्षिक बटाई →पैदावार का भाग । तिहाई →पैदावार का 1/3 भाग । निसफी→ पैदावार का 1/2 भाग । पंज दुवंजी→ पैदावार का 2/5 भाग । चहाराम →पैदावार का 1/4 भाग । तीन चहाराम→ पैदावार का 3/4 भाग । मुन्द्रजा→ पूर्वलिखित (उपरोक्त) मजकूर→ चालू राहिन →गिरवी देने वाला । मुर्तहिन →गिरवी लेने वाला । बाया →भूमि बेचने वाला । मुस्तरी →भूमि खरीदने वाला । वाहिब →उपहार देने वाला । मौहबईला →उपहार लेने वाला । देहिन्दा→ देने वाला । गेरिन्दा →लेने वाला । लगान→ मुजारे से मालिक को मिलने वाली राशी या जिंस पैमाना हकीयत →शामलात भूमि में मालिक का अधिकारी । सरवर्क →आरम्भिक पृष्ठ । नक्शा कमीबेशी →पिछली जमाबन्दी के मुकाबले में क्षेत्रफल की कमी या वृद्वि हिब्बा →उपहार । बैयहकशुफा →भूमि खरीदने का न्यायालय द्वारा अधिकार । रहन बाकब्जा →कब्जे सहित गिरवी । आड रहन →बिला कब्जा गिरवी । रहन दर रहन →मुर्तहिन द्वारा कम राशि में गिरवी रखना । तबादला →भूमि के बदले भूमि लेना । पडत सरकार →राजस्व रिकार्ड रूम में रखी जाने वाली प्रति । पडत पटवार→ रिकार्ड की पटवारी के पास रखी जाने वाली प्रति फर्द बदर →राजस्व रिकार्ड में हुई गलती को ठीक करना । पुख्ता औसत झाड→ पैदावार के अनुसार पक्की फसल साबिक→ पूर्व का या पुराना या पहले का हाल →वर्तमान, मौजूदा । बिला हिस्सा →जिसमें भाग न हो । मिन जानिब →की ओर से । बशिनाखत →की पहचान पर । पिसर या वल्द →पुत्र दुखतर→ सुपुत्री वालिद→ पिता वालदा →माता महकूकी →काटकर दोबारा लिखना मसकूकी →बिना काटे पहले लेख पर दोबारा लिखना बुरजी→ सरवेरी सर्वेक्षण का पत्थर चक तशखीश →बन्दोबस्त के दौरान भूमि की पैदावार के अनुसार तहसील की भूमि का निरधारण दुफसली →वर्ष में दो फसलें उत्पन्न करने वाली भूमि मेड़ →खेत की सीमा गोरा देह भूमि →गॉंव के साथ लगती भूमि हकदार→ मालिक भूमि महाल →ग्राम जदीद →नया इन्तकाल →मलकियत की तबदीली का आदेश । जरीब →भूमि नापने की लम्बी लोहे की जंजीर । रकबा बरारी →नम्बर की चारों भुजाओं की लम्बाई व चौडाई क्षेत्रफल निकालना रकबा→ खेत का क्षेत्रफल गोशा →खेत का हिस्सा बिसवा→ 20 बिसवांसी बिघा →20 बिसवा शर्क →पूर्व गर्व→ पश्चिम जनूब→ दक्षिण शुमाल→ उत्तर खेवट→ मलकियत का विवरण खतौनी→ कशतकार का विवरण पत्ती तरफ ठोला→ गॉंव में मालकों का समूह गिरदावर→ पटवारी के कार्य का निरीक्षण करने वाला RI दफ्तर कानूनगो →तहसील कार्यालय का कानूनगो नायब दफतर कानूनगो→ सहायक दफतर कानूनगो सदर कानूनगो→ जिला कार्यालय का कानूनगो । वासिल वाकी नवीस→ राजस्व विभाग की वसूली का लेखा रखने वाला कर्मचारी मालिक→ भूमि का भू-स्वामी कास्तकार→ भूमि को जोतने वाला एवं कास्त करने वाला । शामलात →सांझाी भूमि शामलात देह→ गॉंव की शामलात भूमि शामलात पाना →पाने की शामलात भूमि शामलात पत्ती →पत्ती की शामलात भूमि मुजारा→ भूमि को जोतने वाला जो मालिक को लगान देता हो । मौरूसी →बेदखल न होने वाला व लगान देने वाला मुजारा गैर मौरूसी →बेदखल होने योग्य कास्तकार नहरी →नहर के पानी से सिंचित भूमि । चाही नहरी→ नहर व कुएं द्वारा सिंचित भूमि चाही →क्एं द्वारा सिंचित भूमि चाही मुस्तार →खरीदे हुए पानी द्वारा सिंचित भूमि । बरानी→ वर्षा पर निर्भर भूमि । आबी →नहर व कुएं के अलावा अन्य साधनों से सिंचित भूमि । बंजर जदीद→ चार फसलों तक खाली भूमि । बंजर कदीम →आठ फसलों तक खाली पडी भूमि । गैर मुमकिन →कास्त के अयोग्य भूमि । नौतौड→ कास्त अयोग्य भूमि को कास्त योग्य बनाना । क्लर →शोरा या खार युक्त भूमि । चकौता →नकद लगान । सालाना →वार्षिक बटाई →पैदावार का भाग । तिहाई →पैदावार का 1/3 भाग । निसफी→ पैदावार का 1/2 भाग । पंज दुवंजी→ पैदावार का 2/5 भाग । चहाराम →पैदावार का 1/4 भाग । तीन चहाराम→ पैदावार का 3/4 भाग । मुन्द्रजा→ पूर्वलिखित (उपरोक्त) मजकूर→ चालू राहिन →गिरवी देने वाला । मुर्तहिन →गिरवी लेने वाला । बाया →भूमि बेचने वाला । मुस्तरी →भूमि खरीदने वाला । वाहिब →उपहार देने वाला । मौहबईला →उपहार लेने वाला । देहिन्दा→ देने वाला । गेरिन्दा →लेने वाला । लगान→ मुजारे से मालिक को मिलने वाली राशी या जिंस पैमाना हकीयत →शामलात भूमि में मालिक का अधिकारी । सरवर्क →आरम्भिक पृष्ठ । नक्शा कमीबेशी →पिछली जमाबन्दी के मुकाबले में क्षेत्रफल की कमी या वृद्वि हिब्बा →उपहार । बैयहकशुफा →भूमि खरीदने का न्यायालय द्वारा अधिकार । रहन बाकब्जा →कब्जे सहित गिरवी । आड रहन →बिला कब्जा गिरवी । रहन दर रहन →मुर्तहिन द्वारा कम राशि में गिरवी रखना । तबादला →भूमि के बदले भूमि लेना । पडत सरकार →राजस्व रिकार्ड रूम में रखी जाने वाली प्रति । पडत पटवार→ रिकार्ड की पटवारी के पास रखी जाने वाली प्रति फर्द बदर →राजस्व रिकार्ड में हुई गलती को ठीक करना । पुख्ता औसत झाड→ पैदावार के अनुसार पक्की फसल साबिक→ पूर्व का या पुराना या पहले का हाल →वर्तमान, मौजूदा । बिला हिस्सा →जिसमें भाग न हो । मिन जानिब →की ओर से । बशिनाखत →की पहचान पर । पिसर या वल्द →पुत्र दुखतर→ सुपुत्री वालिद→ पिता वालदा →माता महकूकी →काटकर दोबारा लिखना मसकूकी →बिना काटे पहले लेख पर दोबारा लिखना बुरजी→ सरवेरी सर्वेक्षण का पत्थर चक तशखीश →बन्दोबस्त के दौरान भूमि की पैदावार के अनुसार तहसील की भूमि का निरधारण दुफसली →वर्ष में दो फसलें उत्पन्न करने वाली भूमि मेड़ →खेत की सीमा गोरा देह भूमि →गॉंव के साथ लगती भूमि हकदार→ मालिक भूमि महाल →ग्राम जदीद →नया साभार:- फेसबुक ...


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