नई दिल्ली   205
पिछ्ले 24 घंटे मे 200 नये कोरोना मरीज देश मे सामने आये हैं,और दिल्ली मे तब्लिगी मरकज ने तो सबको डरा ही दिया है।इसके बावजूद भी स्वास्थ्य मंत्रालय ने कल ब्रीफिंग मे कहा कि हम अभी भी स्टेज थ्री यानी कम्युनिटी स्प्रेड से बचे हुये है। लेकिन सवाल है की जब राजधानी मे 4-5 हजार लोग एकजुट कार्यक्रम कर रहे थे तो सरकारें,इन्तलीजेंस और पुलिस कहां थी? कहां है और क्या कर रहा है गृह मंत्रालय ? दिल्ली दंगो से लेकर तब्लिगी मरकज तक खुफिया विभाग और सूचना तन्त्र की लापरवाही या उसकी बेफिक्री परेशान करने वाली रही है। अब जब देश कोरोना की लडाई मे लॉक डाउन जैसे मंहगा कदम उठाकर आगे बढ रहा था उस दौर मे मजदूरों के सड़क पर आने और निजामुद्दीन जैसी अक्षम्य लापरवाही प्रधानमंत्री और देश की सारी मेहनत पर पानी फेरने जैसा होता दिख रहा है। लेकिन आँकड़ो को देखें तो संतोष की बात यह सामने आ रही है कि 30 जनवरी को पहले मरीज के मिलने के दो महिने गुजर जाने के बाद भी एक अरब 35 करोड़ की आबादी वाले मुल्क मे सिर्फ 1500 के आसपास मरीज सामने आये हैं,जबकि इतने ही वक्त मे चीन,ईरान इटली और अमेरिका मे हजारो हजार मौतें हो चुकी हैं तथा लाखों लोग संक्रमित हैं।इसलिये भारत ने जो व्यापक और निर्णायक कदम उठाये हैं उनसे भारत मे तमाम जाहिलियत दिखाने व करने के बावजूद शायद देश मे कोरोना कभी भी बड़ी महामारी नही बन सकेगा।इसके कुछ निम्न कारण हैं -पहला लॉक डाउन समय से शुरु हो गया दुसरे लॉक डाउन मे पुलिस की भुमिका बेहतरीन रही है तीसरे जनता भी बहुत जल्द ही गम्भीरता समझ गयी है और चौथा कहीं न कहीं बढता तापमान भी स्प्रेड को स्लो करने वाला साबित हो रहा है। इसलिये हम आज भी सेफ हैं तीसरे दौर मे प्रवेश करने की आशंकाओ के मध्य !!! तो भारत बचेगा क्योंकि भारत के पास एक तो सामजिक ढांचा ऐसा है की कोई बात एक साथ एक ही तरह से नही फैल पाती है दुसरे देश के पास एक ऐसा नेतृत्व है जो विपरीत परिस्थितियों को सम्भालन जानता है,जिस पर जनता को भो भरोसा है उसके विरोधियों को भो विस्वास है की चाहे जो भी हो भारत को इस भयंकर खतरे से भी निकाल के ले जाने मे सक्षम है। इसलिये लॉक डाउन का पुर्ण पालन होता रहे तो अगले कुछ हप्तो मे कोरोना की कमर तोड़ी जा सकती है,इसमे कोई सन्देह नही। ...


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