नई दिल्ली   7497
हमारे यहां जो पुलिस वाले सिक्योरिटी में रहते हैं, मैं रोजाना सुबह शाम उनको चाय बिस्किट भिजवाती हूँ. इधर 2-3 दिन से मेड लौटकर बताती है कि पुलिसवाले कहने लगे हैं कि चाय की जरुरत नहीं. फिर भी मैंने सुबह चाय भिजवाई. अपने कमरे में खिड़की पर खड़ी उधर ही देख रही थी जिधर पुलिसवाले बैठे रहते हैं. मेड उनको चाय देकर लौट आई, और उधर अगले मिनट ही तीनों सिपाहियों ने चाय बगल में जमीन पर फेंक दी. मुझे बहुत गुस्सा आया. मैं बाहर जाकर उन्हें हडकाने की सोच ही रही थी कि कुछ सोचकर चुप हो गई. गलती उनकी भी नहीं है. शायद वो लोग भी यही सोचते हों कि मैं चाय में थूकने के बाद उन्हें चाय भिजवाती हूं. यह सब सोचकर ही मेरे तन बदन में झुरझुरी सी दौड़ गई. शर्म आई अपने मुस्लिम होने पर. आज शाम ही साहब को बोलकर एक हिन्दू मेड का इंतजाम करने को कहूंगी जिससे बाद में पुलिसवालों को मुझपर या अभी वाली मुस्लिम मेड पर थूक मिली चाय भेजने का शक न रहे. इन जमातियों ने पिछले 15-20 सालों में लगातार खराब होते हिन्दू मुस्लिम रिश्तों को बहुत नीचे गिरा दिया है. यह आपसी अविश्वास अब जल्द खत्म नहीं हो सकेगा और पहले से ही गरीब मुस्लिमों को इसका खामियाजा भुगतना ही पड़ेगा जब अधिकतर हिन्दू मुस्लिमों से न फल सब्जी खरीदेंगे, न मुस्लिम रेस्टोरेन्ट में खाना खाने जायेंगे.. और अगर यह अविश्वास इतना बढ़ गया कि हिन्दुओं ने सभी मुस्लिम मिस्त्री (बिजली, लकड़ी, लोहा, गाड़ी बाइक को सही करने वाले, मकान बनाने वाले आदि) का बहिष्कार कर दिया तो लाखों मुस्लिम भूखे मर जायेंगे या फिर हिन्दू धर्म अपना लेंगे. मेरे सिक्योरिटी वाले पुलिस वाले भाइयों. मैं तुमसे मुंह पर आकर कुछ नहीं कह सकती, लेकिन विश्वास करो, तुम्हारी मैडमजी ने कभी भी तुम्हें अपनी झूठी चाय या कोई सामान कभी नहीं भेजा. सिर्फ तुम लोगों का शक दूर करने के लिए जल्द ही हिन्दू मेड का इंतजाम भी हो जायेगा. ...


    Written by

  • Buy legal anabolic steroids https://myfsk.org/community/account/buy-legal-anabolic-steroids/?h=ec0552986e72cfe66fa9a5344db780c0&


Leave a comment