नई दिल्ली / प्रयागराज   324
चर्च में फ़ादर के साथ #क्रिश्चियनिटी_और_हिंदुत्व पर धार्मिक बहस... क्रिश्चियनिटी के गाल पर हिंदुत्व का थपेड़ा...जरूर पढ़ें...🙏 अभी कुछ महीने पहले ही नई यूनिट में ट्रान्सफर आया हूँ, चूँकि पिछली यूनिट में कई लोगों ने मेरी छवि एक साम्प्रदायिक कट्टर हिन्दू की बना दी थी और कुछ लोगों ने मुझे इस्लाम और क्रिश्चियनिटी विरोधी बता दिया था...सो इस यूनिट में मैं काफ़ी शांत रहता था, किसी भी धर्म पर मैं कोई भी बात नहीं करता था। मेरे साथ एक सीनियर हैं, जो 4 साल पहले हिंदू से क्रिश्चियन में कन्वर्ट हुए हैं, वो दिन-रात क्रिश्चियनिटी की प्रशंसा करते रहते और हिंदुत्व को गालियाँ देते रहते थे, चूँकि उन्हें मेरे बारे में कोई जानकारी नहीं थी और ना ही उन्होंने मेरी हिस्ट्री पढ़ी थी। सो कल रविवार को बातों ही बातों में उन्होंने मुझे क्रिश्चियनिटी में कन्वर्ट होने का ऑफ़र दे दिया और क्रिश्चियनिटी के फ़ायदे बताने लगे। मैं कई दिनों से ऐसे मौके की तलाश में था, क्योंकि मेरे दिमाग में क्रिश्चियन कन्वर्जन वाले मुद्दे को लेकर बड़ा फ़ितूर चल रहा था, मैं उसके ज्ञान का लेवल जानता था, मैं जानता था कि उसे क्रिश्चियनिटी और बाईबल में कुछ भी नहीं आता है, इसलिए मैंने उससे बहस करना जायज़ नहीं समझा। मैं बाईबल को लेकर बड़े क्रिश्चियन फादर से बहस करना चाहता था, सो मैंने उनका ऑफ़र स्वीकार कर लिया। अगले दिन शाम को मैं अपने आठ जूनियर और उस सीनियर के साथ चर्च पहुँच गया.. वहाँ कुछ परिवार भी हिन्दू से क्रिश्चियन कन्वर्जन के लिए आये हुए थे.. और धर्म परिवर्तन कराने के लिए गोवा के किसी चर्च के फादर बुलाये गए थे। चर्च में प्रेयर हुई, फिर उन्होंने क्रिश्चियनिटी और परमेश्वर पर लेक्चर दिया और होली वाटर के साथ धर्मान्तरण की प्रक्रिया शुरू की। मैंने अपने सीनियर से कहा कि वो फ़ादर से रिक्वेस्ट करें कि सबसे पहले मुझे कन्वर्ट करें। फिर फ़ादर ने मुझे बुलाया और बोला.. "जीसस ने अशोक को अपनी शरण में बुलाया है, मैं अशोक का क्रिश्चियनिटी में स्वागत करता हूँ"... मैंने फ़ादर से कहा कि मुझे कन्वर्ट करने से पहले क्रिश्चियन और हिन्दू को कम्पेयर करते हुए उसके मेरिट और डिमेरिट बतायें। मैं कन्वर्ट होने से पहले बाईबल पर आपके साथ चर्चा करना चाहता हूँ, कृपया मुझे आधे घण्टे का समय दें और मेरे कुछ प्रश्नों का उत्तर दें। फ़ादर को मेरे बारे में कोई जानकारी नहीं थी और उन्हें अंदाजा भी नही था कि मैं यहाँ अपना लक्ष्य पूरा करने आया हूँ और उन्हें पता ही नहीं था कि मैं अपना काम, अपने प्लान के मुताबिक़ कर रहा हूँ। उस फ़ादर को इस बात का अंदेशा भी नही था कि आज वो कितनी बड़ी आफ़त में फ़ंसने वाले हैं, सो फ़ादर बाईबल पर चर्चा करने के लिए तैयार हो गए। मैंने पूंंछा- फ़ादर क्रिश्चियनिटी हिंदुत्व से किस तरह बेहतर है.. परमेश्वर और बाइबिल में से कौन सत्य है.. अगर बाइबिल और यीशु में से एक चुनना हो तो किसको चुनें ?? अब फ़ादर ने क्रिश्चियनिटी की प्रसंशा और हिंदुत्व की बुराइयाँ करनी शुरू की और कहा:- 1. यीशु ही एक मात्र परमेश्वर है और होली बाईबल ही दुनिया में मात्र एक पवित्र क़िताब है। बाईबल में लिखा एक-एक वाक्य सत्य है, वह परमेश्वर का आदेश है। परमेश्वर ने ही पृथ्वी बनाई है। 2. क्रिश्चियनिटी में ज्ञान है, जबकि हिन्दुओं की किताबों में केवल अंधविश्वास है। 3. क्रिश्चियनिटी में समानता है..जातिगत-भेदभाव नहीं है, जबकि हिंदुओं में जाति-प्रथा है। 4. क्रिश्चियनिटी में महिलाओं को पुरुषों के बराबर सम्मान है, जबकि हिन्दुओं में लेडीज़ का रेस्पेक्ट नहीं है, हिन्दू धर्म में लेडीज़ के साथ सेक्सुअल हरासमेंट ज़्यादा है। 5. क्रिश्चियन कभी भी किसी को धर्म के नाम पर नहीं मारते, जबकि हिन्दू धर्म के नाम पर लोगों को मारते हैं, बलात्कार करते हैं, हिन्दू बहुत अत्याचारी होते हैं। 6. हिंदुओ में नंगे बाबा घूमते हैं, सबसे बेशर्म धर्म है हिन्दू। अब मैंने बोलना शुरू किया कि फ़ादर मैं आपको बताना चाहता हूँ कि.... 1. जैसा आपने कहा कि परमेश्वर ने पृथ्वी बनाई है और बाईबल में एक-एक वाक्य सत्य लिखा है और वह पवित्र है... तो बाईबल के अनुसार पृथ्वी की उत्पत्ति ईसा मसीह के जन्म से 4004 वर्ष पहले हुई, अर्थात बाइबिल के अनुसार अभी तक पृथ्वी की उम्र 6024 वर्ष हुई... जबकि साइंस के अनुसार (कॉस्मोलॉजी) पृथ्वी 4.8 बिलियन वर्ष की है, जो बाइबिल में बताये हुए वर्ष से बहुत ज़्यादा है। आप भी जानते हो कि साइंस ही सत्य है... अर्थात बाईबल का पहला अध्याय ही बाईबल को झूंठा घोषित कर रहा है, मतलब बाईबल एक फ़िक्शन बुक है... जो मात्र झूंठी कहानियों का संकलन है... जब बाइबिल ही असत्य है तो आपके परमेश्वर का कोई अस्तित्व ही नहीं बचता। 2. आपने कहा कि क्रिश्चियनिटी में ज्ञान है... तो आपको बता दूँ कि क्रिश्चियनिटी में ज्ञान नाम का कोई शब्द नहीं है, याद करो.. जब #ब्रूनो ने कहा था कि "पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा लगाती है" तो चर्च ने ब्रूनो को, "बाईबल को झूंठा" साबित करने के आरोप में जिन्दा जला दिया था और #गैलीलियो को इसलिए अंधा कर दिया गया.. क्योंकि उसने कहा था "पृथ्वी के आलावा और भी ग्रह हैं" जो बाईबल के विरुद्ध था। अब आता हूँ हिंदुत्व पर.... तो फ़ादर हिंदुत्व के अनुसार, पृथ्वी की उम्र ब्रह्मा के एक दिन और एक रात के बराबर है, जो लगभग 1.97 बिलियन वर्ष है, जो साइंस के बताये हुए समय के बराबर है और साइंस के अनुसार ग्रह-नक्षत्र-तारे और उनका परिभ्रमण हिन्दुओं के ज्योतिष-विज्ञान पर आधारित है, हिन्दू ग्रंथो के अनुसार 9 ग्रहों की जीवन-गाथा वैदिक काल में ही बता दी गयी थी। ऐसे ज्ञान देने वाले संतो को हिन्दुओं ने भगवान के समान पूजा है, ना कि जिन्दा जलाया या अंधा किया... केवल हिन्दू धर्म ही ऐसा है, जो ज्ञान और गुरू को भगवान से भी ज़्यादा पूज्य मानता है, जैसे... "गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णु गुरुर्देवोमहेश्वरः गुरुर्साक्षात परब्रह्मा तस्मै श्रीगुरूवे नमः।। और फ़ादर दुनिया में केवल हिन्दू ही ऐसा है, जो कण-कण में ईश्वर देखता है और ख़ुद को #अह्म_ब्रह्मस्मि बोल सकता है, इतनी आज़ादी केवल हिन्दू धर्म में ही हैं। 3. आपने कहा कि 'क्रिश्चियनिटी में समानता है जातिगत भेदभाव नहीं है... तो आपको बता दूँ कि क्रिश्चियनिटी पहली शताब्दी में तीन भागों में बंटी हुई थी.... जैसे:- Jewish Christianity, Pauline Christianity, Gnostic Christianity... जो एक दूसरे के घोर विरोधी थे, उनके मत भी अलग अलग थे। फिर क्रिश्चियनिटी Protestant, Catholic Eastern Orthodoxy, Lutherans में विभाजित हुई.. जो एक दूसरे के दुश्मन थे, जिनमें कुछ लोगों को मानना था कि "यीशु" फिर जिन्दा हुए थे.. तो कुछ का मानना है कि यीशु फिर जिन्दा नहीं हुए... और कुछ ईसाई मतों का मानना है कि "यीशु को सूली पर लटकाया ही नहीं गया" आज ईसाईयत हज़ार से ज़्यादा भागों में बटी हुई है, जो पूर्णतः रंग-भेद (श्वेत-अश्वेत ) और जातिगत आधारित है... आज भी पूरे विश्व में कनवर्टेड क्रिश्चियन की सिर्फ़ कनवर्टेड से ही शादी होती है। आज भी अश्वेत क्रिश्चियन को ग़ुलाम समझा जाता है। भेद-भाव में ईसाई सबसे आगे हैं... हैम के वंशज के नाम पर अश्वेतों को ग़ुलाम बना रखा है। 4. आपने कहा कि क्रिश्चियनिटी में महिलाओं को पुरुष के बराबर अधिकार है... तो बाईबल के प्रथम अध्याय में एक ही अपराध के लिये परमेश्वर ने ईव को आदम से ज्यादा दण्ड क्यों दिया ?? ईव के पेट को दर्द और बच्चे जनने का श्राप क्यों दिया, आदम को ये दर्द क्यों नही दिया ?? अर्थात आपका परमेश्वर भी महिलाओं को पुरुषों के समान नहीं समझता... आपके ही बाईबल में #लूत ने अपनी ही दोनों बेटियों का बलात्कार किया और #इब्राहीम ने अपनी पत्नी को, अपनी बहन बनाकर मिस्र के फिरौन (राजा) को सैक्स के लिए दिया। आपकी ही क्रिश्चियनिटी ने, पोप के कहने पर अब तक 50 लाख से ज़्यादा बेक़सूर महिलाओं को जिन्दा जला दिया। ये सारी रिपोर्ट आपकी ही बीबीसी न्यूज़ में दी हुई हैं। आपकी ही ईसाईयत में 17वीं शताब्दी तक महिलाओं को चर्च में बोलने का अधिकार नहीं था, महिलाओं की जगह प्रेयर गाने के लिए भी 15 साल से छोटे लड़को को नपुंसक बना दिया जाता था, उनके अंडकोष निकाल दिए जाते थे, महिलाओं की जगह उन बच्चों से प्रेयर करायी जाती थी। बीबीसी के सर्वे के अनुसार, सभी धर्मों के धार्मिक गुरुओं में सेक्सुअल केस में सबसे ज़्यादा "पोप और नन" ही एड्स से मरे हैं, जो ईसाई ही हैं। फ़ादर क्या यही क्रिश्चियनिटी में नारी सम्मान है ?? अब आपको हिंदुत्व में बताऊँ.... दुनियाँ में केवल हिन्दू ही है, जो कहता है:- "यत्र नारियन्ति पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता" अर्थात जहाँ नारी की पूजा होती है, वहीं देवताओं का निवास होता है। 5. फ़ादर आपने कहा कि क्रिश्चियन धर्म के नाम पर किसी को नहीं मारते... तो आपको बता दूँ ... एक लड़का #हिटलर जो कैथोलिक परिवार में जन्मा, उसने जीवन भर चर्च को फॉलो किया... उसने अपनी आत्मकथा "MEIN KAMPF" में लिखा... "वो परमेश्वर को मानता है और परमेश्वर के आदेश से ही उसने 10 लाख यहूदियों को मारा है" हिटलर ने हर बार कहा कि वो क्रिश्चियन है। चूँकि हिटलर द्वितीय विश्वयुद्ध का कारण था, जिसमें सारे ईसाई देश एक-दूसरे के विरुद्ध थे, इसलिए आपके चर्च और पादरियों ने उसे कैथोलिक से निकाल कर Atheist (नास्तिक) में डाल दिया। फ़ादर मैं इस्लाम का हितैषी नही हूँ... लेकिन आपको बता दूँ, क्रिश्चियनों ने सन् 1096 में #Crusade_War धर्म के आधार पर ही शुरू किया था, जिसमें पहला हमला क्रिश्चियन समुदाय ने मुसलमानों पर किया, जिसमें लाखों मासूम मारे गए। फ़ादर #आयरिश_आर्मी का इतिहास पढ़ो.. किस तरह कैथोलिकों ने धर्म के नाम पर क़त्ले-आम किया, जो आज के ISIS से भी ज़्यादा भयानक था। धर्म के नाम पर क़त्ले-आम करने में क्रिश्चियन मुसलमानों के समान ही हैं... वहीं आपने हिन्दुओं को बदनाम किया, तो आपको बता दूँ कि.. "हिन्दुओं ने कभी भी दूसरे धर्म वालों को मारने के लिए पहले हथियार नहीं उठाया है, बल्कि अपनी रक्षा के लिए हथियार उठाया है। 6. फ़ादर आपने कहा कि हिन्दुओं में नंगे बाबा घूमते हैं "हिन्दू बेशर्म" हैं... तो फ़ादर आपको याद दिला दूँ कि बाइबिल के अनुसार यीशु ने प्रकाशित वाक्य (Revelation) में कहा है कि "Nudity is Best Purity" अर्थात नग्नता सबसे शुद्ध है... यीशु कहता है कि मेरे प्रेरितों, अगर मुझसे मिलना है तो एक छोटे बच्चे की तरह नग्न होकर मुझसे मिलो, क्योंकि नग्नता में कोई लालच नहीं होता। फ़ादर याद करो... #यूहन्ना का वचन 20:11-25 और #लूका के वचन 24:13-43 क्या कहते हो, इस नग्नता के बारे में ?? फ़ादर ईसाईयत में सबसे बड़ी प्रथा #Bapistism है, जो बाईबल के अनुसार येरूसलम की "यरदन नदी" में नग्न होकर ली जाती थी। अभी इस वर्ष फ़रवरी में ही न्यूजीलैंड के 1800 लोगों ने, जिसमे 1000 महिलाएं थी, ने पूर्णतः नग्न होकर बपिस्टिसम लिया और आप कहते हो कि हिन्दू बेशर्म है। अब चर्च के सभी लोग मुझ पर भड़क चुके थे और ग़ुस्से में कह रहे थे... आप यहाँ क्रिश्चियनिटी में कन्वर्ट होने नहीं आये हो, आप फ़ादर से बहस करने आये हो, परमेश्वर आपको माफ नहीं करेगा। 😁 मैंने फ़ादर से कहा कि यीशु ने कहा है "मेरे प्रेरितों, मेरा प्रचार-प्रसार करो" अब जब आप यीशु का प्रचार करोगे तो आपसे प्रश्न भी पूछे जाएँगे... आपको ज़बाब देना होगा, मैं यीशु के सामने बैठा हुआ हूँ और वालंटियर क्रिश्चियन बनने आया हूँ । मुझे आप सिर्फ़ ज्ञान के सामर्थ्य पर क्रिश्चियन बना सकते है, धन के लालच में नहीं... अब फ़ादर ख़ामोश बैठा हुआ था, शायद सोच रहा होगा कि आज किससे पाला पड़ गया... मैंने फिर कहा... फ़ादर आप यीशु के साथ गद्दारी नहीं कर सकते "आप यहाँ सिद्ध करके दिखाओ कि ईसाईयत हिंदुत्व से बेहतर कैसे है" ?? मैंने फिर फ़ादर से कहा कि फ़ादर ज़वाब दो... आज आपसे ही ज़वाब चाहिए, क्योंकि आपके ये 30 ईसाई इतने सामर्थ्यवान नहीं है कि ये हिन्दू के प्रश्नों का ज़वाब दे सकें। फ़ादर अभी भी शांत था, मैंने कहा... फ़ादर अभी तो मैंने #शास्त्र खोले भी नहीं है, शास्त्रों के ज्ञान के सामने आपकी बाइबिल कहीं टिकती भी नहीं है। अब फ़ादर ने काफ़ी सोच समझकर रवीश स्टाइल में मुझसे पूंछा.. "आप किस #जाति से हो" ?? मैंने भी #चाणक्य स्टाइल में ज़वाब दे दिया... "मैं सेवार्थ शुद्र, आर्थिक वैश्य, रक्षण में क्षत्रिय और ज्ञान में ब्राह्मण हूँ। और हाँ फ़ादर मैं कर्मणा "फ़ौजी" हूँ और जाति से "हिन्दू" !!! अब चर्च में बहुत शोर हो चुका था, मेरे जूनियर बहुत खुश थे, बाकी सभी ईसाई मुझ पर नाराज़ थे, लेकिन करते भी क्या ?? मैनें उनकी ही हर बात को काटने के लिए बाईबल को आधार बना रखा था और हर बात पर बाईबल को ही ख़ारिज कर रहा था। मैंने फ़ादर से कहा... मेरे ऊपर ये जाति वाला मंत्र ना फूँके, आप सिर्फ़ मेरे सवालों का ज़वाब दें। अब मैंने उन परिवारों को जो कन्वर्ट होने के लिए आये थे, से कहा... "क्या आप लोगों को पता है कि #वेटिकन_सिटी एक हिन्दू से क्रिश्चियन कन्वर्ट करने के लिए मिनिमम 2 लाख रुपये देती है, जिसमें से आपको 1 लाख या 50 हज़ार दिया जाता है, बाकी में 20 से 30 हज़ार तक आपको कन्वर्ट करने के लिए चर्च लेकर आने वाले आदमी को दिया जाता है, बाकी का 1 लाख चर्च रखता है। जब आप कन्वर्ट हो जाते हो, तब आपको परमेश्वर के नाम से डराया जाता है, फिर आपको हर संडे चर्च आना पड़ता है और हर महीने अपनी पॉकेट मनी या फिक्स डिपाजिट चर्च को डिपॉजिट करना पड़ता है... आपको 1 लाख देकर चर्च आपसे कम से कम, दस लाख वसूल करता है, अगर आपके पास पैसा नहीं होता तो आपको #परमेश्वर के नाम से डराकर आपकी जमीन किसी क्रिस्चियन ट्रस्ट के नाम पर डोनेट (दान) करा ली जाती है! अब आप मेरे सीनियर को ही देख लो, इन्होंने कन्वर्ट होने के लिए 1 लाख लिया था, लेकिन 4 साल से हर महीने 15 हज़ार चर्च को डिपाजिट कर रहे हैं, अभी भी वक्त है सोंच लो... आप सभी को बता दूँ कि एक सरकारी रिपोर्ट के अनुसार भारत में धार्मिक आधार पर सबसे ज़्यादा जमीन क्रिश्चियन ट्रस्टों पर हैं, जिन्हें आप जैसे मासूम कन्वर्ट होने वालों से परमेश्वर के नाम पर डराकर हड़प लिया गया है। अब मेरा इतना कहते ही सारे क्रिश्चियन भड़क चुके थे, तभी यहाँ के पादरी ने गोवा वाले फ़ादर से कहा कि 11बज चुके हैं, चर्च को बन्द करने का टाइम है... मैंने फ़ादर से कहा कि आपने मेरे सवालों का ज़वाब नहीं दिया, मैं आपसे बाईबल पर चर्चा करने आया था.. आप जो पैसे लेकर कन्वर्ट करते हो, वो बाईबल में सख्त मना है... याद करो गेहजी, यहूदा इस्तविकों का हस्र.. जिसनें धर्म में लालच किया। जिस तरह परमेश्वर ने उन्हें मारा, ठीक उसी तरह आपका ही परमेश्वर आपको मारेगा, आप में से किसी भी क्रिश्चियन को, जो पैसे लेकर कन्वर्ट हुआ, फ़िरदौस (यीशु का राज्य) में प्रवेश नहीं मिलेगा। अब चर्च बंद होने का समय हो चुका था, मैंने जाते-जाते फ़ादर को "थ्री इडियट" स्टाइल में कहा... फ़ादर फिर से बाईबल पढ़ो-समझों और जहाँ समझ ना आये तो मुझे फ़ोन करके पूंछ लेना, क्योंकि मैं अपने कमज़ोर स्टूडेंट का हाथ कभी नहीं छोड़ता! और आते-आते मैं सारे क्रिश्चियनों को बोल आया ककि "मेरे क्रिश्चियन भाइयों, अपने वेटिकन वाले चचाओं को बता दो कि भारत से ईसाईयत का बोरिया-बिस्तर उठाने का समय आ गया है, उन्हें बोल दो, अब भारत में हिन्दू जाग चुका है, अब हिन्दू ने भी शस्त्र के साथ, शास्त्र उठा लिया है, जितना जल्दी हो यहाँ से कट लो"......💪 जय हिन्द जय भारत...🇮🇳 जय श्री राम🚩 रवि प्रकाश मिश्रा जी ...


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