जम्मू कश्मीर   7376
"आधुनिक कश्मीरी कविता के सात दशक" से चयन ● अग्निशेखर बहुत दिनों से सोच रहा हूँ कि अपने हज़ारों फेसबुक मित्रों से आधुनिक कश्मीरी कविताओं से उनका परिचय कराऊं। मुझे यहाँ यह बताने की आवश्यकता नहीं कि मैं तीन दशकों से अधिक समय से हिन्दी में अपनी मौलिक सृजनात्मक सक्रियता के साथ साथ मातृभाषा कश्मीरी से अनुवाद कर्म में भी रत रहा हूँ। मेरे अनुवाद तो ' जनसत्ता ',कतार', 'पहल-36', 'वसुधा', 'समकालीन भारतीय साहित्य' , 'नया ज्ञानोदय ', 'प्रगतिशील आकल्प' , 'शीराज़ा' आदि सभी प्रमुख पत्र-पत्रिकाओं व संकलनों में प्रकाशित होते रहे हैं। इस कोरानाकाल में मैंने "आधुनिक कश्मीरी कविता के सात दशक" शीर्षक से विशद भूमिका सहित प्रकाशन के लिए एक पाण्डुलिपि तैयार कर रहा हूँ । प्रकाशक तो मिल ही जाएगा। इन्हीं अनूदित कविताओं में से प्रत्येक कवि की मात्र एक कविता मैं क्रमबद्ध ढंग से हर दिन या दूसरे दिन पोस्ट करता जाऊंगा। यों तो इस आगामी अनुवाद पुस्तक में मैंने सत्तर वर्षों के महत्वपूर्ण कवियों की कई कई कविताएँ रखी हैं,यहाँ उनकी केवल एक ही रचना पोस्ट की जाएगी। आधुनिक कश्मीरी कविताओं के मेरे चयन में आप ●मास्टर ज़िन्द कौल/ ●गुलाम अहमद महजूर/ ●अब्दुल अहद आज़ाद/ ●मिर्जा आरिफ/ ●दीनानाथ नादिम/ ●गुलाम रसूल नाज़की/ ●रहमान राही/ ●अमीन कामिल/ आदि से समकालीन कवियों की चयनित रचनाओं से परिचित होंगे। और आप पसंद भी करेंगे,ऐसी मेरी आशा है। पुनश्च * इसके साथ साथ फेसबुक पर मेरी इस कोरानाकाल में ही शुरू की हुई शृंखला ● " निर्वासन में कवि " भी जारी रहेगी।इस शृंखला की 25 वीं किस्त कुछ ही दिनों में आपको पढने को मिलेगी। मैं अभिभूत हूँ आपकी सबकी सराहना से। सस्नेह ...


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